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फिर एक शेर की दस्तक,वन विभाग बेखबर 
आधा घंटे तक हीरादेही चौकी के नालघाट में देखा गया शेर
बैतूल। अभी बैतूल जिले के उत्तर वन मंडल की राठीपुर बीट में बाघ देखने के बाद शिकारियों द्वारा गोली मारकर बाघ को घायल करने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ है, बाघ का उपचार भोपाल में जारी है और यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर गूंज रहा है ऐसे में एक और शेर की जिले के दक्षिण वन मंडल में दस्तक वन विभाग में हड़कम्प मचा सकती है। महाराष्ट्र बार्डर के ग्राम गणेशपुर निवासी एक ही परिवार के दो सदस्यों ने  बीती  रात आधे घंटे तक शेर के हीरापुर वन चौकी के नालघाट क्षेत्र में आधे घंटे तक होने की पुष्टि की है। यह परिवार बैतूल में एक सगाई के कार्यक्रम में शामिल होने बैतूल आया वापसी के दौरान दो अलग-अलग चौपहिया वाहन में सवार एक ही परिवार के सदस्यों ने आधे घंटे के अंतराल से एक ही लोकेशन पर शेर देखा। शेर को देखकर दोनों ही कार के चालक दहशत में आ गए थे। सुरक्षा की दृष्टि से कार चालक ने तत्काल कार की खुली खिड़कियां बंद कर ली थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने जिस दांवे से हीरापुर के जंगल में शेर होने की पुष्टि की है इस लिहाज से वन विभाग सतर्क नहीं है। अभी तक विभाग के मैदानी अमले ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को इस संबंध में कोई सूचना दी है और न ही शेर के इस क्षेत्र में घूमने की जानकारी है। वैसे बताया जा रहा है कि शेर पानी की तलाश में जंगलों से बाहर की तरफ रुख कर रहे है। 
बैतूल के जागरुक नागरिक के माध्यम से मिली सूचना
बुधवार को कनाठे परिवार में सगाई कार्यक्रम में शामिल होने आए महाराष्ट्र बार्डर के गणेशपुर ग्राम निवासी बाबूराव दरवाई एवं नितिन दरवाई ने रात 7.30 बजे एवं 8 बजे शेर को हीरादेही क्षेत्र में सड़क पर देखा। जिसके बाद यह खबर उन्होनें बैतूल निवासी अपने रिश्तेदार डॉ हेमंत दवंडे को दी। बैतूल में बीते कई दिनों से बाघ के कारण दहशत, बाघ को गोली मारने और बाघ के गंभीर होने के समाचारों से सतर्क होकर श्री दवंडे ने फेसबुक के माध्यम से सूचित किया। जिसके बाद प्रतिनिधि ने दोनों प्रत्यक्षदर्शियों से उनके मोबाइल पर सीधी बात की जिसमें उन्होंने शेर के मूवमेंट की पुष्टि की। श्री दवंडे ने बताया कि यदि शेर इस क्षेत्र में है तो क्षेत्र के लोगों को भी जानकारी होनी चाहिए, वन विभाग सतर्क हो सके इसलिए उन्होनें मीडिया को सूचना दी। 
बीच सड़क पर बैठा था शेर-बाबूराव 
चर्चा में डॉ दवंडे के मामा बाबूराव दरवाई ने बताया कि करीब साढ़े सात बजे वे अपनी टाटा सूमो से बैतूल से गणेशपुर जा रहे थे। हीरापुर से करीब एक किमी दूर नालघाट के पास उन्होंने बीच सड़क पर शेर को बैठे देखा। जब कार के लाईट शेर पर पड़े तो उसकी आंखे चमक रही थी। दहशत में कार के कांच उन्होंने बंद कर लिए। वहीं कार जब वहां से गुजरी तो छलांग मारकर शेर घाट क्षेत्र में उतर गया। उन्होनें बताया कि वह शेर ही था। सड़क से नीचे उतरते तक कुछ देर उन्होंने और उनके परिवार ने शेर को देखा। 
नालघाट में सड़क क्रॉस कर रहा था शेर- नितिन 
इधर डॉ दंवडे के बुआ के बेटे नितिन दरवाई भी अल्टो कार से करीब 8 बजे इसी रास्ते से गणेशपुर के लिए निकले। नितिन ने बताया कि उन्होंने शेर को स्पष्ट देखा। कार में उनके साथ मम्मी और पापा थे। जैसे ही शेर देखा सबसे पहले कार के कांच बंद कर लिए। उन्होंने और उनके मम्मी पापा ने सड़क पार करते हुए शेर को देखा। 
दोनों प्रत्यक्षदर्शियों की बाते यह स्पष्ट करती है कि शेर का मूवमेंट हीरापुर क्षेत्र में आधे घंटे से अधिक रहा। क्योंकि आधे घंटे के अंतराल में एक ही परिवार के लोगों ने शेर को देखा। इस संबंध में मुख्य वन संरक्षक एसएस अलावा एवं दक्षिण वन मंडल के डीएफओ जे देवाप्रसाद से उनके मोबाइल पर राय जानने के लिए लगातार सम्पर्क किया लेकिन दोनों ने कॉल रिसीव नहीं किए। 



शेड निर्माण कार्य शीघ्रता से करे:सीसीओ
बैतूल। रेलवे नागपुर डिविजन के कमर्शियल क्लेम आफिसर आर रनाडे ने बैतूल पहुंचकर रेलवे स्टेशन की व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सीसीओ ने शेड निर्माण कार्य कर रहे ठेकेदार को कार्य में रफ्तार लाकर उसे शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिये। उल्लेखनीय है कि स्टेशन पर प्लेटफार्म क्रमांक 1 और 2 पर कई महिनो से शेड निर्माण का कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य में ठेकेदार द्वारा देरी की जा रही है। जिससे सीसीओ नाराज हो गये। सीसीओ ने शेड का निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये ताकि गर्मी के दिनों में यात्रियों को शेड की सुविधा मिल सकेें। इसके अलावा सीसीओ ने स्टेशन पर पानी की व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों को प्रतिदिन स्टेशन पर यात्रियों के लिए ठंडा पानी उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये। साथ ही स्टेशन पर निर्मित शौचालयों की साफ-सफाई रखने अधिकारियो को निर्देशित किया। इसके अलावा टिकिट काउंटर का निरीक्षण करते हुए टिकिट निकालने वाले कर्मचारियों को काउंटर से नदारद नही रहने के निर्देश दिये है। 
ट्रेनों को स्टापेज मेरे बस की बात नहीं
गुरूवार को स्टेशन का निरीक्षण करने पहुंचे सीसीओ श्री रनाडे को रेल्वे सलाहकार समिति के सदस्यों ने स्टेशन पर सुविधाऐं बढ़ाये जाने और ट्रेनों के स्टापेज को लेकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन पड़ते ही सीसीओ ने कहा कि ट्रेनो का स्टापेज करना उनके बस में नही है। जहां तक  स्टेशन पर सुविधाऐं बढ़ाये जाने की बात है जिस पर गौर करते हुए स्टेशन पर सुविधाऐं उपलब्ध करायें जाने का आश्वासन दिया गया। रेल्वे सलाहकार समिति के सदस्यो ने पार्सल सेवा शुरू करने को लेकर सीसीओ का धन्यवाद किया । सलाकार समिति के सदस्यों ने दादाधाम एक्सप्रेस और पातालकोट एक्सपे्रस में भी पार्सल सेवा शुरू करने की मांग की है। समिति के सदस्यों ने सीसीओ के सामने यह भी बात रखी कि बैठक में उनके द्वारा जो प्रस्ताव बनाये जाते है उनके उपर अमल नही किया जाता। सीसीओ ने सलाहकार समिति के सदस्यो से कहा कि प्रस्ताव बनने के बाद में कुछ ऐसे मुद्दे रहते है जिस पर अमल करने में टाईम लग जाता है। गुरूवार को सीसीओं सड़क मार्ग से होते हुए दोपहर 12:30 बजे बैतूल पहुंचे और स्टेशन का निरीक्षण करने के बाद रेल्वे अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हे उचित दिशा निर्देश दिये। 







 

एकीकृत कलेक्ट्रेक्ट में हर दिन लग रहा 10 टैंकर पानी
पीआईयू के अधिकारी बोले- ठेकेदार की जवाबदारी
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बैतूल। शहर में भी शनै:-शनै: जल संकट गहराने के बाद कई वार्डो में टैंकरों से जलसप्लाई शुरू कर दी गई है। इधर जिला मुख्यालय पर करोड़ों की लागत से एकीकृत कलेक्ट्रेट के निर्माण में लगभग 10 टैंकर औसतन पानी लग रहा है। यह पानी ठेकेदार द्वारा किसी दूसरे स्थान पर निजी ट्यूबवेल खुदवाकर लाया जा रहा है। पीआईयू के अधिकारियों को इस बात का जरा भी मलाल नहीं है कि ठेकेदार कहां से पानी ला रहा है और शहर में जलसंकट के क्या हाल है। जलसंकट को लेकर शासकीय निर्माण कार्यो को चलाई जा रही मुहिम पर लोगों की प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है। सभी एक स्वर में ग्रीष्मकाल में निर्माण कार्य बंद करने पर जोर दे रहे है। 
शासकीय निर्माण कार्यो में हर दिन हजारों लीटर पानी लगने के बाद जलस्तर में और गिरावट आई है। इसकी बानगी शासकीय कार्य स्थल के पास आसानी से देखी जा सकती है। शासकीय निर्माण कार्यो के शुरू रहने से उपजी विकट स्थिति को देखते हुए अधिकारियों को जगाकर दो माह के लिए निर्माण कार्य बंद करने की मुहिम चलाई जा रही है। इस कड़ी में आज जिला मुख्यालय के एकीकृत कलेक्ट्रेट को शामिल किया गया है। लगभग 13 करोड़ 71 लाख की लागत से बनने वाले एकीकृत कलेक्ट्रेट निर्माण में काम शुरू होने से अब तक हजारों लीटर पानी लग चुका है। फिलहाल 2 मंजिला निर्माण कार्य पूरा हो गया है। अभी भी हर दिन कम से कम 10 से 15 टैंकर पानी तराई से लेकर अन्य कार्यो में लिया जा रहा है। हालत यह है कि टैैंकर लीकेज होने से  पानी व्यर्थ बहता दिखाई देता है। जिला पंचायत भवन के सामने यह पानी अनवरत बहता रहता है, लेकिन व्यर्थ बहते पानी को लेकर किसी ने रूचि नहीं दिखाना उचित समझा। हालत यह है कि हर दिन इस निर्माण का पानी व्यर्थ बह रहा है। 
निजी बोर से ला रहे पानी
पीआईयू निर्माण एजेंसी द्वारा जैन कंस्ट्रक्शन को 13 करोड़ 71 लाख का एकीकृत कलेक्ट्रेट का ठेका दिया गया है। इसका काम अगले वर्ष जनवरी 2018 तक चलेगा। इस लिहाज से पूरे गर्मी के सीजन में भी हजारों लीटर पानी उपयोग किया जाना तय है। पीआईयू के अधिकारियों के मुताबिक निर्माण कंपनी ने किसी दूसरे स्थान पर बोर कराया है। यहां से टैंकरों के माध्यम से पानी यहां लाया जा रहा है। पीआईयू को इस बात का मलाल नहीं है कि पानी की व्यवस्था कहां से की जा रही है। लोग पीने के पानी के लिए तरस रहे है और पीआईयू के अधिकारी बांसूरी बजाने में लगे हुए है। इस संबंध में पीआईयू के ईई श्री सिंगारे का कहना था कि निर्माण कार्य में पानी की जवाबदारी हमारी नहीं ठेकेदार की है।
इनकी मिली प्रतिक्रिया
निश्चित रूप से पानी धरातल में जा रहा है और शासकीय निर्माण कार्य लगातार होने से लोगों को दिक्कतें हो रही है।लोगों को जागरूक करने के लिए जो पहल शुरू की है वह स्वागत योग्य है। अधिकारियों को भी सोचना चाहिए कि गर्मी में लोगों को परेशानी होगी, इसलिए निर्माण कार्य बंद कर देना चाहिए। 
राजेन्द्र बोथरा, समाजसेवी, बैतूल

 


बेटी ने दिखाया साहस
दहेज लोभी से सगाई के बाद तोड़ा संबंध
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बैतूल। दहेज जैसी बुराई को खत्म करने के लिए कितने ही अभियान चलाए जाएं लेकिन जब तक पीडि़त पक्ष आवाज बुलंद नहीं करेगा इस पीड़ा से समाज को मुक्ति नहीं मिल सकती। कुछ ऐसा ही मामला विगत दिनों भीमपुर जैसे आदिवासी क्षेत्र में सामने आया जहां एक युवती ने सगाई के बाद वर पक्ष से की जा रही दहेज की मांग को देखते हुए साहसी कदम उठाया और ऐसे परिवार में ही संबंध करने से इन्कार कर दिया। युवती का परिवार उसके निर्णय में उसके साथ है। इस तरह के कदम ही वास्तव में समाज से दहेज रुपी बीमारी से निजात दिला सकते है। पिछड़े आदिवासी अंचल में रहते हुए समाज के किसी भी तरह के दबाव की परवाह न करते हुए युवती ने जो कदम उठाया हालांकि वह वर पक्ष को नागवार गुजरा। अब स्थिति यह है कि युवती द्वारा संबंध तोडऩे के बाद वर पक्ष अपनी बदनामी के डर से झूठे आरोप लगाकर युवती और उसके परिवार को बदनाम करने की साजिश कर रहा है। ऐसी स्थिति में भी युवती ने हार नहीं मानी। इस संबंध में एसपी राकेश जैन को युवती ने शिकायत कर दहेज लोभियों पर उचित कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में वे इस तरह किसी के साथ खिलवाड़ न कर सकें। 
सगाई के बाद शुरु हुई डिमांड
भीमपुर निवासी कलार समाज की 29 वर्षीय युवती का विवाह चिचोली निवासी अमित पिता सुरेश मालवीय के साथ तय हुआ था। दोनों परिवारों में संबंध तय करने पर सहमति बनी और 5 मार्च को भीमपुर में सगाई भी हो गई। सगाई के बाद अमित एवं उसके पिता द्वारा युवती के परिवार को दहेज के लिए तंग किया जाने लगा। विवाह पूर्व ही इस तरह दहेज में मोटी रकम एवं कार मांगी जाने लगी। जिसके बाद युवती का परिवार परेशान हो गया। जब अमित एवं सुरेश मालवीय द्वारा युवती के पिता एवं भाई से लाखों रुपए नगद एवं कार की डिमांड की गई तो पानी सर से उपर चला गया। परिवार को दहेज के लिए परेशान होता देख आखिर युवती ने ही साहसी कदम उठाया और फोन पर ही अपने ससुराल पक्ष से बात कर कह दिया कि उसके पिता की इतनी हैसियत नहीं है कि कार और लाखों रुपए की डिमांड पूरी कर सकें। उसके बाद युवती के द्वारा उठाए गए कदम पर पूरा परिवार खुश है कि उनकी बेटी इस तरह के परिवार में जाने से बच गई।
अपनी बदनामी से बचने अब किया जा रहा बदनाम
एक ओर जहां देश के प्रधानमंत्री बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बेटियों को बढ़ावा देने के लिए तमाम योजनाएं चला रहे है वहीं सामाजिक तौर पर आज भी बेटियां कहीं न कहीं प्रताडऩा का शिकार हो रही है। आमतौर पर बेटियां जब सामाजिक बंधनों से मुखर होकर कोई काम करती है तो पुरुष प्रधान समाज हमेशा बेटियों की ही गलतियां निकालने लगता है। कुछ ऐसा ही इस प्रकरण में भी हुआ। जब युवती ने विवाह से मना कर दिया तो यह अपमान अमित और सुरेश मालवीय की सामाजिक प्रतिष्ठा के दांव पर लगने जैसा था। ऐसे में चिचोली के इस संभ्रांत परिवार ने युवती को बदनाम करने के लिए अफवाहे फैलाना शुरु कर दिया है। ऐसे में युवती और उसका परिवार मानसिक रुप से परेशान हो गया है। फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और एसपी राकेश जैन से मालवीय परिवार की शिकायत कर जांच एवं उचित कार्रवाई की मांग की। इस संबंध में श्री जैन ने चिचोली टीआई को निर्देश भी दिए है। ऐसा साहसी कदम यदि हर बेटी उठाए तो निश्चित ही समाज से दहेज जैसी बुराई का अंत हो जाएगा। 
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भरकावाड़ी-बडोरा में महिलाओ को किया जागरुक
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बैतूल। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरुक करने एवं उनके स्वास्थ्य एवं विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने महिला संसदों का आयोजन पंचायत स्तर पर किया जा रहा है। आज जिले के पांच विकासखंडों की 114 ग्राम पंचायतों में महिला संसद आयोजित की गई। बडोरा एवं भरकावाड़ी ग्राम में आयोजित महिला संसद में सैकड़ों महिलाओं ने अपने अधिकार जाने। इस दौरान डीपीओ सुमन कुमार पिल्लई, ग्रामीण परियोजना अधिकारी राकेश त्रिवेदी, सुपर वाईजर श्वेता शुक्ला द्वारा विभिन्न जानकारियां दी गई। महिला संसद में महिलाओं को लाड़ली लक्ष्मी योजना में लाभान्वित बालिकाओं को पोषण, शिक्षा स्वास्थ्य, लालिमा योजना के अंतर्गत आयोजित स्वास्थ्य शिविरों में बच्चों एवं महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण, हीमोग्लोबीन की जांच, विशेष पोषण अभयान के अंतर्गत अतिकम वजन वाले बच्चों का चयन एवं उनका उपचार, पंचवटी से पोषण के तहत पोषण वाटिकाओं के निर्माण की जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा पोषण चाट की जानकारी दी गई साथ ही वितरण भी किया गया।

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