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चोरी की बिजली से चल रहा था एक्वा प्लांट
विद्युत कंपनी ने पंचनामा बनाकर ठोंका 4 लाख का जुर्माना 
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मुलताई। नगर में पानी की केन सप्लाई करने वाला बिरूल बाजार रोड स्थित गिरीराज एक्वा वाटर सप्लायर प्लांट लंबे समय से चोरी की बिजली से चल रहा था। इसकी खबर लगते ही विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों ने छापामार कार्रवाई करते हुए रंगे हाथों बिजली चोरी पकड़ी तथा 4 लाख का जुर्माना किया। फिलहाल गिरिराज एक्वा वाटर सप्लायर प्लांट के संचालकों द्वारा जुर्माने की राशि अदा नही की गई है इसके बावजूद एक्वा संचालित किया जा रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार बिरूल बाजार रोड पर गिरिराज एक्वा वाटर प्लांट संचालित किया जा रहा है लेकिन पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष मीटर रिडिंग कम आने पर विद्युत वितरण कंपनी के ई ई संजय यादव एवं एई रणजीतसिंह जब गिरिराज एक्वा प्लांट की जांच करने पहुंचे तो पाया कि गिरिराज एक्वा में एक खेत की ओर से सीधे बिजली चोरी की जा रही है जिस पर कंपनी के अधिकारियों द्वारा पंचनामा बनाकर लगभग 4 लाख रूपए का जुर्माना किया गया है।
जमीन के अंदर से वायर गाड़ के हो रही थी बिजली चोरी
गिरिराज एक्वा वाटर प्लांट द्वारा सुनियोजित तरीके से एक खेत से बिजली चोरी की जा रही थी। इसके लिए बकायदा  खेत की ओर से वायर जमीन में गाड़ कर एक्वा प्लांट तक लाए गए थे ताकि वायर किसी को नजर न आए। कंपनी के अधिकारियों ने जब देखा कि एक्वा वाटर प्लांट में लगे सभी स्टूमेंट का मीटर से कोई सरोकार नही है तो उन्होने पूरा निरिक्षण किया तो नजर आया कि पूरा एक्वा सिस्टम चोरी की बिजली से चल रहा था। कंपनी के एई रणजीतसिंह ने बताया कि एक्वा में प्यूरीफायर, चिलर, ड्रायर, ट्यूबवेल की मोटर आदि चोरी की बिजली से ही चलाए जा रहे थे तथा बिजली की चोरी कर पूरी तरह व्यवसायिक कार्य किया जा रहा था। 
खपत में बड़ा अंतर आने से हुई जांच
विद्युत वितरण कंपनी के एई रणजीतसिंह ने बताया कि विगत वर्ष गिरिराज एक्वा वाटर सप्लायर प्लांट की सीजन में मीटर रीङ्क्षडग लगभग ढाई से तीन हजार के बीच थी जो इस वर्ष मात्र 200 से 240 होने से पूरा मामला संदेह के घेरे में आ गया। जब अधिकारियों द्वारा स्थल पर जाकर जांच की गई तो मामला बिजली चोरी का निकला जिस पर कंपनी द्वारा तत्काल कार्रवाई की गई तथा पंचनामा बनाकर जुर्माना किया गया।
विभाग के ही किसी कर्मचारी के मिलीभगत की संभावना
विद्युत वितरण कंपनी के मुलताई कार्यालय में विगत 4 माह पूर्व ही रणजीतसिंह एई के पद पर पदस्थ हुए हैं। पद संभालने के बाद उन्होने सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठान्नों का लेखा-जोखा देखा जिसके बाद गिरिराज एक्वा द्वारा की गई चोरी सामने आई। पूरे मामले में विद्युत वितरण कंपनी के किसी कर्मचारी के मिलीभगत होने की संभावना प्रतित हो रही है जिससे एक्वा प्लांट द्वारा  जमकर बिजली चोरी की जा रही थी। फिलहाल पूरा प्रकरण कोर्ट में दिया जा रहा है। 
इनका कहना है-
स्थल पर पाया कि डायरेक्ट कनेक्शन लेकर बिजली चोरी की जा रही है जिसका पंचनामा बनाकर नियमानुसार जुर्माना किया गया है। 
रणजीतसिंह ए ई विद्युत वितरण कंपनी मुलताई।


सरपंच-सचिव, कर्मचारी एवं संयुक्त मोर्चा की आज निकलेगी रैली
मुलताई। विभिन्न मांगों को लेकर धरना आंदोलन कर रहे सरपंच-सचिव एवं कर्मचारी संयुक्त मोर्चा द्वारा गुरूवार 20 अप्रैल को एक साथ रैली निकालकर प्रदर्शन करेगें। उक्ताशय की जानकारी देते हुए सरपंच संघ अध्यक्ष पिन्टू ठाकरे ने बताया कि  वर्तमान में सरपंच संघ, सचिव संघ, पटवारी संघ, कोटवार संघ, कृषि अधिकारी संघ द्वारा विगत कई दिनों से धरना प्रदर्शन किया जा रहा है लेकिन सरकार द्वारा किसी की भी मांगों को नही मानने से उक्त प्रदर्शन अनिश्चितकालीन कर दिया गया है। 20 अप्रैल गुरूवार को सभी धरना स्थलों से कर्मचारीगण एकजुट होकर सरपंच-सचिव संघ धरना स्थल जनपद के सामने पहुंचेगें जहॉ सुबह 11 बजे से विशाल रैली का आयोजन किया गया है। रैली बसस्टेंड होते हुए नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी जिसका समापन वापस धरना स्थल पर ही किया जाएगा। सभी प्रदर्शनकारी संगठनों द्वारा रैली के लिए शासन से अनुमति भी मांगी गई है।
विधायक ने  गांवों में पेयजल के लिए की 2-2 लाख की अनुशंसा
मुलताई। क्षेत्र में पेयजल की भीषण समस्या को देखते हुए विधायक चंद्रशेखर देशमुख द्वारा सीईओ जिला पंचायत को पत्र लिखकर ग्रामों में पेयजल हेतू बोर खनन एवं परिवहन हेतू 2-2 लाख रूपए देने की अनुशंसा की गई है। विधायक द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया है कि विधानसभा क्षेत्र के ग्राम चकोरा, रगडग़ांव, जामठी सवासन, बिसनूर, वायगांव, शेरगढ़, डोंगरपुर, गौना, तिवरखेड़, हरदौली, कोल्हया, रायसेड़ा, सोनोरा, सर्रा, सोनोरी, सांडिया, कामथ, सिपावा, चिखली खुर्द, टेमझीरा अ, बोथिया, मालेगांव ,नांदकुड़ी तथा दातोरा, मयावाड़ी आदि गांवों में जलसंकट चरम पर है जिसके समाधान के लिए नलकूप खनन एवं परिवहन करना आवश्यक है इसलिए उक्त गांवों में पानी की व्यवस्था हेतू राशि स्वीकृत करने की अनुशंसा की गई है।

ठेकेदार कर रहा 1 अरब की राशि का बंठाधार
विधायक ने कहा गुणवत्ताहीन बन रहा मुलताई से भैंसदेही मार्ग
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मुलताई। लंबे समय के बाद मुलताई से भैंसदेही मार्ग का निर्माण लगभग 1 अरब रूपए की लागत से किया जा रहा है। लेकिन मार्ग निर्माण में ठेकेदार द्वारा लापरवाही बरतने से एक अरब रूपए का जहॉ बंठाधार हो रहा है वहीं सड़क की गुणवत्ता पर विधायक चंद्रशेखर देशमुख ने सवाल खड़े किए हैं। लोक निर्माण विभाग द्वारा ठेकेदार के माध्यम से बनाए जा रहे उक्त मार्ग निर्माण में बेस में मुरूम के  साथ ही बड़े-बड़े पत्थर भी डाले जा रहे हैं। मुरूम को रोलर से दबाया भी नही जा रहा है तथा पानी का छिड़काव तराई भी नही की जा रही है।  जिससे उबड़-खाबड़ मार्ग पर प्रतिदिन धूल के कारण दुर्घटनाएॅ हो रही है। विधायक देशमुख ने बताया कि मार्ग पर जगह-जगह पुलिया हेतू गढ्ढे तो खोद कर रख दिए गए हैं लेकिन पुलिया का कार्य धीमी गति से किया जा रहा है जिससे बारिश के पूर्व पुलियाओं का निर्माण कार्य पूर्ण होना संभव नही लग रहा है। यदि पुलियाओं का कार्य बारिश के पूर्व पूर्ण नही होता है तो उक्त मार्ग पर आवागमन के लिए भारी समस्या उत्पन्न हो सकती है।
तकनीकि अधिकारी भी बने लापरवाह
मार्ग निर्माण में पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों द्वारा भी लापरवाही करने से ठेकेदार द्वारा मनमर्जी से घटिया कार्य किया जा रहा है। विधायक देशमुख द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में मिडिया प्रभारी चिन्टू खन्ना ने बताया कि पुलिया निर्माण सहित पूरे मार्ग निर्माण में ठेकेदार द्वारा कहीं भी संकेतक नही लगाए गए हैं लेकिन इसके बावजूद अधिकारी ठेकेदार से नियमों का पालन नही करा रहे हैं। निर्माण कार्य के दौरान विभागीय तकनीकि अधिकारी मौजूद नही रहते हैं जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। 

विधायक ने दी आंदोलन की चेतावनी 
मुलताई से भैंसदेही तक लगभग 1 अरब की लागत से बन रहे मार्ग के घटिया निर्माण के संबन्ध में विधायक ने चेतावनी देते हुए कहा कि उनके द्वारा लगातार विभाग को पत्र लिखा गया है लेकिन इसके बावजूद विभाग से संतोषप्रद जवाब नही मिला है। एैसे में घटिया निर्माण से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। विधायक ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सात दिनों में सड़क निर्माण की गुणवत्ता में आवश्यक सुधार नही किया गया तो वे ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठ जाएगें।
चार एकड़ में लगी आग
मुलताई। बोरदेही थाना क्षेत्रांतर्गत ग्राम नजरपुर में किसान पन्नालाल साहू के खेत पर अज्ञात कारणों से आग लग गई। अज्ञात कारणों से लगी आग में लगभग 4 एकड़ में भूसा तथ्ज्ञा चारा जल गया। ग्रामीणों द्वारा इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को दी गई जिस पर फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू किया जिससे अन्य खेत आगजनी की चपेट में आने से बच गए। आगजनी में किसानों को हजारों रूपयों की क्षति होना बताया जा रहा है।

लापरवाही से आदिवासी प्रसूता के दो नवजात शिशुओं की मौत 
शासन की सुरक्षित प्रसव योजना की उड़ी धज्जियॉ 
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मुलताई। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मुलताई में बुधवार एक प्रसुता के प्रसव में लापरवाही की सारें हदें पार कर दी गई  जिससे प्रसुता के दोनों नवजात शिशुओं की मौत हो गई। मानवता को तार-तार कर देने वाले इस मामले में शासन की सुरक्षित प्रसव के सारे दावों की पोल खोल कर रख दी है वहीं सरकार के दावों की भी धज्जियॉ उड़ गई है। मुंडापार की गर्भवती महिला  प्रमिला पति सुनील सरयाम की बदकिस्मती उसके घर से ही प्रारंभ हो गई थी। प्रसव पीड़ा चालू होने के लगभग एक घंटे बाद जननी उसके घर पहुंची जिससे अस्पताल लाते समय बच्चे का प्रसव वैन में ही हो गया लेकिन बच्चा पूरी तरह बाहर नही आया और फंस गया। मुलताई आने पर पता चला कि दूसरा बच्चा भी प्रसूता के पेट में आड़ा हो गया है। पूरे मामले की गंभीरता देखते हुए अस्पताल से प्रसूता को उसी हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हद तो तब हो गई जब गंभीर हालत में महिला को स्टेचर पर जननी तक ले जाने की जगह बिना स्टेचर के पैदल चलाते हुए फंसे हुए बच्चे के साथ ही जननी तक ले जाया गया जिसके हाथ में बॉटल भी पकड़ा दी गई। इस दौरान महिला को रक्तस्त्रााव भी हो रहा था वहीं दर्द से कराहती महिला उसी अवस्था में जननी वाहन तक पहुंची। बताया जा रहा है कि जिला अस्पताल पहुंचने पर लगातार बच्चा फंसा रहने से पहले प्रसव का बच्चे की मौत हो गई वहीं बाद में हुए दूसरे प्रसव में भी बच्चे की मौत हो गई।
आधे घंटे में चार बार बंद हुई बाटल 
प्रसव के बाद प्रमिला बाई को डीएनएस की एक बाटल लगाई गई थी। उक्त बाटल चार बार बंद हुई, आशा कार्यकर्ता चार बार स्टाफ को बुलाने गई और बाटल बंद होने की सूचना दी,  लेकिन स्टाफ में से किसी ने एक नहीं सुनी, आखिरकार बाद में जब बीएमओ प्रशांत सेन को इसकी सूचना दी गई तो वह खुद बाहर आए और उन्होंने प्रमिला बाई की बाटल चालू की। वहीं स्ट्रेचर का उपयोग नहीं करने पर स्टाफ को फटकार भी लगाई। 
नौ महीने में ना तो सोनोग्रा्रफी करवाई्र ना जंचवाया हीमोग्लोबिन
स्वास्थ्य अमले द्वारा गर्भवती महिलाओं की जांच को लेकर किस तरह की लापरवाही बरती जा रही है, इसका सीधा उदारण मुंडापार निवासी प्रमिला बाई है। प्रमिला बाई जुडवा बच्चों को जन्म देने वाली थी, लेकिन पिछले नौ महीनों में ना तो उनकी सोनोग्राफी करवाई गई ना ढंग से बीपी मापा गया, हालात तो यह है कि इन नौ महीनों में एक बार भी उनका हिमोग्लोबिन तक जंचवाया नहीं गया। जांच के नाम पर हर बार औपचारिकताएं पूरी की गई। वहीं मुलताई के अस्पताल से भी बिना उपचार के ही उन्हें सीधे बैतूल रवाना कर दिया गया। 

तहसील के मुख्य द्वार पर महिलाएं बैठी धरने पर 
पानी की समस्या को लेकर महिलाओं ने जमकर की नारेबाजी
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मुलताई। ग्राम पंचायत कामथ के सम्मलित ग्राम चिखलीखुर्द में फैले जल संकट को लेकर दर्जनों महिलाएं बुधवार को तहसील कार्यालय पहुंची और नारेबाजी करते हुए एसडीएम को ज्ञापन देने की मांग करने लगी, एसडीएम कार्यालय में नहीं थे, एसडीएम से मिलने की जिद पर महिलाएं तहसील कार्यालय के मुख्य द्वार पर बैठ गई और जमकर नारेबाजी की। बाद में उन्हें समझाकर वहां उसे उठाया गया और महिलाओं ने नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर पानी की समस्या से मुक्ति दिलाने की मांग की, जल्द ही पानी की व्यवस्था नहीं होने पर महिलाओं ने चक्काजाम करने की चेतावनी दी है। बुधवार को ग्राम चिखलीखुर्द की महिलाएं पानी की समस्याको लेकर तहसील कार्यालय पहुंची। ग्राम पंचायत के उपसरपंच पप्पू साहू, विजय भूमरकर, भगवत लोखंडे, पार्वती माको$डे, प्रतिभा विश्वकर्मा, योगिता माकोडे, उर्मिला उबनारे, दया माको$डे आदि ने बताया कि उन्हें दो किलोमीटर दूर मुलताई आकर पानी ले जाना प$ड रहा है। सुबह ५ बजे से ९ बजे तक महिलाएं पानी भरती है। महिलाओं ने बताया कि गांव के ७ बोर, एक कुआ और ८ हैंडपंप पूरी तरह से सूख चुके हैं। जिससे गांव में भीषण जल संकट फैल गया है। ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान है, ना तो पीने के लिए पानी है और ना ही निस्तारी के लिए। लोगों के प्राईवेट बोरों और कुओं से पानी लाना प$$ड रहा हैं। 

बिसनूर मेें शराब दुकान पर लगाया महिलाओं ने ताला 
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मुलताई। ग्राम बिसनूर में बुधवार को दर्जनों महिलाओं ने शराब दुकान के सामने जमकर प्रदर्शन किया और आखिरकार दुकान में ताला लगा दिया। महिलाओं ने साफ तौर पर कहा है कि गांव में शराब की दुकान नहीं चलने दी जाएगी, महिलाओं ने एक सप्ताह का समय शराब की दुकान हटाने के लिए दिया है, एक सप्ताह में शराब की दुकान नहीं हटाने पर चरणबद्घ आंदोलन किया जाएगा। बुधवार को बिसनूर में चंदा ठाकरे, यमुना ठाकरे, रेखा धोटे, कमला ठाकरे, बेबी ठाकरे, कुसुम गव्हा$डे,बेबी धोटे, संगीता धोटे सहित दर्जनों महिलाओं दोपहर १ बजे शराब दुकान के सामने पहुंची और नारेबाजी करने लगी। महिलाओं ने बताया कि बीच बस्ती में शराब दुकान चलाई जा रही है, जिससे गांव का माहौल खराब हो रहा हैं। ठेकेदार द्वारा गरव्हा रोड पर शराब दुकान ले जाई जा रही थी, लेकिन महिलाओं ने वहां भी दुकान लगाने पर आपत्ती जताई और नारेबाजी शुरू कर दी। महिलाओं ने एक सप्ताह में दुकान हटाने की चेतावनी दी है।

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