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करोड़ों में मिलेगी हजारों को छांव, करना पड़ेगा इंतजार
पांच शेड का काम रुका, ठेकेदार ने लिया एक्सटेंशन
बैतूल। रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए बनाए जा रहे पांच शेडों के लिए यात्रियों को और इंतजार करना पड़ सकता है। जानकारी के अनुसार यात्रियों की सुविधा के लिए बनाएं जा रहे शेड का निर्माण वैसे तो मार्च माह में ही हो जाना था लेकिन ठेकेदार द्वारा काम समयावधि में पूरा न करने के कारण दो माह का एक्सेटेंशन लिया है। अब काम मई तक पूरा किया जाएगा। पांच शेडों के निर्माण का कार्य अभी भी रुका हुआ है जिससे यह कयास लगाए जा रहे है कि दो माह का एक्सेटेंशन भी निर्माण पूरा होने में कम पड़ सकता है। निर्माण में कई पेच भी है लेकिन न जिम्मेदार ठेकेदार इस मामले में कुछ बोलने तैयार है न विभागीय अधिकारी उचित जवाब दे पा रहे है। निर्माण बंद होने के भी अलग-अलग कारण सामने आए है। कहीं टेक्निकल परेशानी बताई जा रही है तो कहीं बात कुछ मटेरियल की अनुपलब्धता पर टाली जा रही है। ऐसे में यात्रियों को इस वर्ष की गर्मी और आने वाली बारिश भी यात्रियों को खुले आसमान के नीचे ट्रेनों का इंतजार कर बितानी पड़ेगी। 
बिजली के झटको से रुका काम 
रेलवे स्टेशन के एक जिम्मेदार अधिकारी की माने तो स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए प्लेटफार्म नंबर एक एवं दो पर पांच शेड का निर्माण किया जा रहा है। इन शेडों का अधिकांश काम हो चुका है। लेकिन कुछ काम बिजली के हाईवोल्टेज के कारण रुका हुआ है। अधिकारी के मुताबिक ट्रेनों के मूवमेंट के आधार पर काम किया जाता है। 25 हजार वोल्ट ट्रेनों के लिए लगता है ऐसे में सप्लाई बंद करना संभव नहीं है। इसलिए ट्रेनों के समय को देखते हुए शेड निर्माण किया जा रहा है। बिजली सप्लाई को मैनेज करने के लिए कई बार यात्रियों की प्लेटफार्म पर मौजूदगी को देखते हुए भी काम प्रभावित हो रहा है। 
अब तक नहीं आया नाली निर्माण का मटेरियल
वहीं एक अन्य अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार दो शेड बनकर तैयार है वहीं तीन का स्ट्रेक्चर बन चुका है। इन सभी शेडों से पानी जमीन तक पहुंचाने के लिए बीच में उपयोग में लाए जाने वाली नालियां पानी नीचे उतारने के लिए जिन पाईप का उपयोग किया जाता है वह अब तक ठेकेदार के पास नहीं आए है जिसके कारण यह काम रुका हुआ है। यदि मटेरियल आ जाता है तो काम पूरा होने में अधिक समय नहीं लगेगा। नालियां शेड के बीच में लगाई जाकर पानी नीचे उतारा जाता है जो सीधे जमीन में जाएगा। 
कुछ कहने तैयार नहीं ठेकेदार
इधर पांच शेडों के निर्माण का ठेका डोडरामोहर की अग्रवाल कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया है। कंपनी के निक्कू अग्रवाल की देखरेख में शेडों का निर्माण किया जा रहा है। काम बंद होने को लेकर श्री अग्रवाल द्वारा पूरा मामला रेलवे विभाग पर टाला जा रहा है। गौरतलब है कि वे इस संबंध में न तो कोई जानकारी देने तैयार है और न कुछ कहने। इधर सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शेड निर्माण का कार्य 31 मार्च तक पूरा होना था लेकिन समयावधि में काम पूरा न हो पाने के कारण ठेकेदार द्वारा दो माह का एक्सेटेंशन लिया है। अब काम मई तक पूरा होने की संभावना जताई जा रही है। लेकिन जिस तरह की स्थिति देखने मिल रही है उससे दो माह में काम पूरा होने की उम्मीद कम ही है। 
इनका कहना...
काम दोनों ओर से प्रभावित है, एक्जक्यूटिव काम विभाग के अधिकारियों को करना है, काम क्यों बंद है इसका जवाब रेलवे ही दे सकेगा। इस संबंध में मैं कोई जानकारी देने अधिकृत नहीं हूं। 
निक्कू अग्रवाल, अग्रवाल कंस्ट्रक्शन कंपनी डोडरामोहर 
शेड निर्माण में मटेरियल की कुछ परेशानियां है। जैसे जही मटेरियल आ जाएगा काम शुरु हो जाएगा। 
 ए के शुक्ला सीनियर सेक्शन इंजीनियर वक्र्स 
बिजली सप्लाई से भी काम बाधित हो रहा है। निर्माण के लिए प्लेटफार्म बंद नहीं किया जा सकता। ट्रेनों के बीच का मार्जिन देखकर काम किया जा रहा है। 
जगदीश अग्रवाल ठेकेदार 
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शिक्षा के नाम पर कारोबार
परीक्षा शुल्क से 275 अधिक की अवैध वसूली
बैतूल। शिक्षा तंत्र से बीएड कर जुडऩे वाले सैकड़ों भावी शिक्षकों के साथ जामठी में संचालित एक निजी बीएड कॉलेज में निर्धारित से अधिक फीस वसूलकर अपनी जेबें भरी जा रही है। छात्र-छात्राओं के विरोध के बावजूद प्रबंधन का तानाशाह रवैया है। बीएड चतुर्थ सेमेस्टर के परीक्षार्थियों से नियमानुसार 1225 रुपए शुल्क लिया जाना है लेकिन कॉलेज संचालकों के तानाशाह फरमान के चलते 1500 रुपए प्रत्येक परीक्षार्थी से वसूले जा रहे है। यह हाल अन्य सेमेस्टर के परीक्षार्थियों के है। यह बात उस वक्त सामने आई जब दीगर जिले की एक परीक्षार्थी अधिक पैसे लेने की वजह से रोने लगी थी। बावजूद इसके संचालकों का दिल नहीं पसीजा। शिक्षा तंत्र में भर्राशाही इस कदर हावी है कि कहीं बच्चें बोझ और बेजा फीस से परेशान है तो कहीं शासन द्वारा तय शुल्क से अधिक शुल्क देने के लिए भावी शिक्षक मजबूर हो रहे है। 
बीयू से अलग कॉलेज का गणित 
बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल द्वारा बीएड चतुर्थ सेमेस्टर परीक्षा के लिए नियमित छात्रों के लिए एमपी लाईन ऑनलाईन के माध्यम से परीक्षा आवेदन भरे जाने की संशोधित 6 अप्रैल को तय की गई थी। जिसके अनुसार सामान्य शुल्क के साथ परीक्षा आवेदन जमा करने की तिथि 7 अप्रैल से 17 अप्रैल तक निर्धारित है। परीक्षा आवेदन पत्र महाविद्यालय द्वारा विश्वविद्यालय में जमा करने की अंतिम तिथि 19 अप्रैल, विलंब शुल्क 300 रूपए के साथ परीक्षा आवेदन जमा करने की तिथि 18 से 22 अप्रैल, परीक्षा आवेदन पत्र महाविद्यालय द्वारा विश्वविद्यालय में जमा करने की तिथि 26 अपै्रल तथा विलंब शुल्क 100 रूपए के साथ परीक्षा फार्म जमा करने की तिथि परीक्षा आरंभ होने के एक सप्ताह पूर्व तक रखी गई है। चतुर्थ सेमेस्टर के परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा आवेदन शुल्क पत्र के साथ प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय सेमेस्टर की अंकसूची अनिवार्य रूप से संलग्र के अलावा नियमित परीक्षार्थियों के लिए समस्त विषयों की परीक्षा का शुल्क 12 सौ रूपए तय किया गया है। इसके अलावा विलंब शुल्क 300 रूपए और पोर्टल शुल्क 25 रूपए है, लेकिन राजा भोज बीएड कॉलेज जामठी में बीयू के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। यहां परीक्षार्थियों से 15 सौ रूपए शुल्क वसूला जा रहा है।
संचालकों का कहना कुछ भी कहते है परीक्षार्थी
जहां बीयू ने पोर्टल शुल्क के साथ कुल 1225 रुपए शुल्क तय किया है। विलंब शुल्क 300 रुपए निर्धारित है इसके बावजूद राजा भोज कॉलेज में परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों से बीयू के आदेश को नकारते हुए 1500 रुपए लिए जा रहे है। इस सबंध में जब इस प्रतिनिधि ने कॉलेज संचालकों से चर्चा की तो उन्होंने बताया कि किसी भी परीक्षार्थी से अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया गया है। सभी परीक्षार्थियों से 1250 रुपए शुल्क लिया है। संचालकों द्वारा भले ही सफेद झूठ कहा जा रहा है लेकिन जो उनके द्वारा स्वीकार किया गया उसमें भी 25 रुपए शुल्क अधिक लिया गया है। क्योंकि पोर्टल शुल्क के साथ भी यदि फीस ली जाती है तो 1225 रुपए ही फीस होगी। इधर परीक्षा के लिए शुल्क भरने वाले परीक्षार्थियों में छिंदवाड़ा की एक परीक्षार्थी ने बताया कि वह 1225 रुपए के हिसाब से किराया और फीस लेकर निकली थी लेकिन जब कॉलेज में 1500 रुपए फीस ली गई तो वह परेशान हो गई। जिले के अलावा अन्य जिलों से भी कॉलेज में परीक्षार्थियों द्वारा फार्म भरे गए। कुल 100 परीक्षार्थी चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा देंगे। इस लिहाज से कॉलेज द्वारा यदि प्रत्येक परीक्षार्थी पर 275 रुपए अधिक लिए है तो 27 हजार 500 रुपए की महज चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों से ही कॉलेज ने कमाई कर ली। जबकि सूत्रों की माने तो अन्य सेमेस्टरों के परीक्षार्थियों से भी इसी तरह अवैध वसूली की गई है। 
इनका कहना...
कॉलेज में कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया गया है। सभी परीक्षार्थियों से 1250 रुपए ही लिए गए है। परीक्षार्थी झूठ बोल रहे है। 
एन के गलफट, संचालक राजा भोज बीएड कॉलेज जामठी
ऐसा कुछ भी नहीं है। हमारा काम तो नीट एंड क्लीन वाला है। परीक्षार्थी कुछ भी बोल रहे है। निर्धारित परीक्षा शुल्क ही लिया गया है। 
एस गलफट, सह संचालक, राजा भोज बीएड कॉलेज
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शादी के दिन दुल्हन पहुंची गरीबों के बीच
अपने हाथों से रसोई योजना में परोसा भोजन
बैतूल। अपनी शादी को हर कोई यादगार और चिरस्थाई बनाने के लिए तरह-तरह के सपने संजोते हैं, लेकिन जिला मुख्यालय की एक दुल्हन ने शाम को फेरे लेने से पहले दोपहर में सारी रस्मों को छोड़कर दीनदयाल रसोई योजना में पहुंच कर अपने हाथों से गरीबों को खाना परोसा। यह नजारा देख गरीबों की आंखें भी डबडबा गई और रूंधे गले से दुल्हन की आंखों से भी आंसु आ गए। 
जीतूढाना (रतनपुर) निवासी एवं अग्रणी सहकारी नेता लखन यादव की पुत्री अनामिका का आज शाम विवाह है। विवाह के लिए काफी दूर-दराज से रिश्तेदार शामिल होने कल से ही पहुंचने लगे। पहले से ही समाज सेवा से जुड़े श्री यादव को एकदम दीनदयाल रसोई योजना की याद आई। उन्होंने अपनी बेटी से इस बारे में चर्चा की। चूंकि विवाह मंगलवार को ही होना था और कई रस्मे भी आज ही पूरी होना था, लेकिन पिता की बातों से सहमत होकर शाम को विवाह सूत्र में बंधने वाली अनामिका ने बिना देरी किए सदर स्थित दीनदयाल रसोई योजना में गरीबों के बीच पहुंचना ज्यादा बेहतर समझा। दोपहर 12 बजे दुल्हन अनामिका अपने पिता लखन यादव, माता गीता यादव सहित परिजनों एवं नवीन साहू, डिकलेश साहू, वीकेश मालवीय, मनीष मालवीय आदि के साथ यहां पहुंचे। करीब एक घंटे दुल्हन ने सारी रस्मों को छोड़ गरीबों को आत्मीयता से भोजन परोसा। इस दौरान एक पल ऐसा भी आया एक वृद्ध की आंखों से दुल्हन को खाना परोसता देख आंखें से आंसू भी आ गए। इतना ही नहीं दुल्हन की आंखे भी भर आई। दुल्हन के पिता लखन यादव ने बताया कि गरीबों की सेवा से बढ़कर सच्ची सेवा कोई नहीं है। बिटिया का विवाह चिरस्थाई बनाने के लिए इससे अच्छी कोई बात नहीं थी। हमें गर्व है कि विवाह के दिन रस्मों को छोड़कर बिटिया गरीबों के बीच आई और अपने हाथों से भोजन परोसा। उन्होंने बताया कि समाज सेवा के लिए वे आगे भी ऐसा ही करेंगे। इससे पहले रसोई योजना में पहुंचने पर दुल्हन का बलवीर मालवीय, देवेन्द्र मालवीय एवं अन्य लोगों ने स्वागत भी किया।

बरेठा के जंगल में भीषण आग
हाईवे से लपटें देखकर वन विभाग को दी जानकारी
बैतूल। उत्तर वन मंडल के बैतूल रेंज के अंतर्गत बरेठा के जंगलों में अल सुबह भीषण आग लग गई। नेशनल हाइवे 47 पर आग की लपटे उपर तक उठते देखी गई। साहित्यकार मोहन नागर ने इस बार भी सचेत होकर वन अधिकारियां और मीडिया कर्मियों को सूचना दी। सूचना के दो घंटे बाद भीषण आग पर काबू पाने के लिए वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। दोपहर 1.30 बजे आग पर काबू पाने की जानकारी मिली है। आग लगने का प्रारंभिक कारण महुआ बीनने वालों द्वारा सांप के भय से आग लगाने की जानकारी मिल रही है।
सुबह 5 बजे बैतूल-भोपाल सड़क मार्ग पर बरेठा घाट में आग की तीखी लपटे उठते देख वाहन चालक भयाक्रांत हो गए। आलम यह था कि आग की लपटे सड़क किनारे के वाहनों को भी झकझोर कर रख रहे थे। करीब आधा किलोमीटर के हिस्से में यह आग फैल चुकी थी, लेकिन वन विभाग के अधिकारियों को सुबह 8 बजे तक कोई जानकारी नहीं मिली। यह तो शुक्र है साहित्यकार और भारत भारती आवासीय विद्यालय के सचिव निजी कार्यांे से सुबह 5 बजे भोपाल जाने के लिए निकले थे। उन्होंने बरेठा घाट पर आग की ऊंची लपटे देखने के बाद मीडिया कर्मियों को सूचना देने का प्रयास किया, लेकिन नेटवर्क न होने से समय पर सूचीत नहीं कर सके। शाहपुर के पास करीब 6 बजे उन्होंने फेसबुक पर आग की उची लपटों की फोटो पोस्ट की। इसका असर कुछ घंटो में ही देखने को मिल गया। सोशल मीडिया की सूचना को कुछ लोगों ने तत्परता से लेते हुए सीसीएफ आरएस अलावा और उत्तर वनमंडल के डीएफओ  संजीव झा को मोबाईल पर दी। उन्होंने तत्काल बैतूल रेंज के रेंजर श्री उईके को दी। उन्होंने डिप्टी रेंजर मनोहर राजपूत के साथ टीम को मौके पर रवाना कर दिया। ज्ञात हो कि इससे पहले भी श्री नागर ने गाड़ा घाट क्षेत्र में भी लगी आग के बाद नगर पालिका को सूचना देकर सजगता का परिचय दिया था।
4 घंटे की मशक्कत के बाद बुझी आग
डिप्टी रेंजर श्री राजपूत ने बताया कि दो दर्जन से अधिक कर्मचारियों ने एक हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैली आग को लगभग चार घंटे में काबू किया है। दोपहर 1.30 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। उन्होंने बताया कि इस समय जंगलों में महुआ बीनने का काम चल रहा है। सांप के भय से बचने के लिए पेड़ों के नीचे आग लगा दी जाती है, कई बार आग हवा चलने से फैल जाती है। यहां भी ऐसा ही हुआ और आग बड़े क्षेत्र में फैल गई। श्री राजपूत ने बताया कि समय रहते सूचना नहीं मिलती तो आग और बड़े क्षेत्र में फैल सकती थी। 

बैनर को लेकर रक्तदाता समूहों के बीच घमासान
आपत्ति के बाद हटाया बैनर, बढ़ी नाराजगी
बैतूल। जिला अस्पताल ब्लड बैंक में लगे रक्तदाता समूहों के बैनर को हटाए जाने को लेकर रक्तदाता समूहों के बीच घमासान मच गया है।  जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में बैतूल जिला रक्तदाता समूह रक्तदान एक जीवन बैतूल और माय बैतूल गु्रप के नाम से बैनर लगा था। इस बैनर को हटा दिए जाने के कारण रक्तदाता समूहों के पदाधिकारियों में खासी नाराजगी है। इन लोगों का कहना है कि तथाकथित समाज सेवी व्यवस्था को बिगाडऩे में लगे हैं। समूह के एक ग्रुप पर बैनर उतारने वालों के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश देखा जा रहा है। 
गु्रप के सदस्यों ने मां शारदा सहायता समूहों के पदाधिकारी पर बैनर हटाए जाने का आरोप लगाया है। ब्लड बैंक में पिछले दिनों विधायक और सिविल सर्जन ने बैठक ली थी। इस बैठक में भी बैनर को लेकर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई थी, लेकिन विधायक ने बैनर को लगे रहने के निर्देश दिए थे। बैठक में यह सहमति बनी थी कि जो भी संस्था के माध्यम से रक्तदान शिविर लगाया जाएगा। उस दिन उस संस्था का बैनर लगाया जाए। माय बैतूल गु्रप जिला रक्तदाता समूह और एक जीवन बैतूल गु्रप ने ब्लड बैंक में स्थाई रूप से बैनर लगा दिया था। इस बैनर को सोमवार के दिन हटा  दिया गया। जिससे रक्तदान समूह के पदाधिकारी कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई।
रक्तदाता समूह हुए आमने-सामने
समूहों के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने बताया कि मां शारदा समिति के शैलेन्द्र बिहारिया द्वारा समूह गु्रप के बनैर को हटाया गया। शैलेन्द्र बिहारिया ने बैनर हटाने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। श्री बिहारिया ने बताया कि उन्होंने किसी भी संंस्था का बैनर नहीं हटाया। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ अशोक बारंगा के निर्देश पर कर्मचारियों द्वारा बैनर हटाया गया है। उन पर बैनर हटाए लगाए जाने के आरोप बेबुनियाद है। ब्लड बैंक में जहां  रक्तदाता चेयर पर लेटकर रक्तदान करते थे। चेयर के पीछे कुछ रक्तदाता समूहों का संयुक्त बैनर लगा था। इसी बैनर एकमात्र बैनर को हटाने की कार्रवाई की गई है। बाकी दूसरी तरफ दीवारों पर लगे बैनरों को नहीं हटाया गया है। माय बैतूल गु्रप के सुनील गुप्ता ने बताया कि किसी एक संस्था का बैनर नहीं लगा था। बैनर को हटाने ठीक नहीं है। जो भी संस्था रक्तदान करती है, उनके द्वारा रक्तदान के समय उनका बैनर लगाया जाता है। एक रक्तदान समूह के पदाधिकारी के कहने पर बैनर हटाया गया।
इनका कहना
कुर्सियों के पीछे लगाए गए बैनर को हटा दिया गया है। जो भी संस्था समूहों के द्वारा रक्तदान किया जाएगा। उस संस्था का बैनर उस स्थान पर लगाया जाएगा, ताकि किसी को कोई आपत्ति न हो।
डॉ अशोक बारंगा, सिविल सर्जन, जिला चिकित्सालय, बैतूल


दवा को लेकर उलझे फार्मासिस्ट-कर्मचारी
सिविल सर्जन से अभद्रता की शिकायत भी
बैतूल। जिला अस्पताल में बीती रात बिना पर्ची के दवा नहीं दिए जाने को लेकर फार्मासिस्ट और 108 के एक कर्मचारी के बीच कहा सुनी हो गई। बात इतनी बड़ी कि 108 के कर्मचारी ने फार्मासिस्ट के साथ अभद्रता की गई। इसकी शिकायत फार्मासिस्ट द्वारा सिविल सर्जन से की। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सोमवार की शाम को 108 के कर्मचारी अस्पताल में दवा काउंटर पर बिना पर्ची के दवाई मांगने लगा। फार्मासिस्ट ने बिना पर्ची के दवा देने से मना कर दिया जिससे आक्रोशित हुए 108 के कर्मचारी ने फार्मासिस्ट के साथ अभद्रता करना शुरू कर दी। यहां तक की कर्मचारी ने खुद अपने हाथ से दवा काउंटर से दवा ले ली। जब फार्मास्टि ने दवा लेने से मना किया तो  108 का कर्मचारी काउंटर पर दवा फेंक दी और फार्मास्टि से अभद्रता करने लगे। फार्मेस्टि का कहना है कि 108 कर्मचारी अपने आप को सरदार बता रहा था। फार्मास्टि के साथ इस तरह से अभद्रता ठीक नहीं है ऐसी स्थिति में कर्मचारी अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रहे है। यहां तक की जिला अस्पताल के दवा काउंटर पर महिला फार्मास्टि की भी ड्यूटी लगी रहती है। ऐसे ही कर्मचारियों की दादागिरी चलते रही तो कर्मचारियों का दवा काउंटर पर काम करना बड़ा मुश्किल हो जाएगा। फार्मास्टि ने उनके साथ हुई अभ्रदता की जानकारी सिविल सर्जन श्री बांरगा को दी और अभद्रता करने वाले कर्मचारी पर कार्रवाई की मांग की है। इस बारे में सिविल सर्जन डॉ अशोक बारंगा ने बताया कि  मामले की जानकारी मिली है, लेकिन कोई शिकायत अभी तक उन्हें प्राप्त नहीं हुई है, शिकायत मिलने पर कार्रवाई करेंगे।

आवास का काम रोका, वृद्धा को दी धमकी
बैतूल। चिचोली विकासखंड के ग्राम चिरापाटला निवासी एक वृद्धा के प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास निर्माण के कार्य को गांव के ही एक दबंग ने रुकवा दिया है। वृृद्धा को दबंग द्वारा आवास बनाने पर जान से मारने की धमकी दी है। वृद्धा ने एसडीएम से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है।  चिरापाटला निवासी सीता बाई पति कमल खातरकर ने शिकायत में बताया कि चिरापाटला में शासन द्वारा स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास के निर्माण कार्य को ग्राम के धर्मेन्द्र उर्फ लड्डू वल्द रामप्रसाद द्वारा रोक दिया। धर्मेन्द्र का कहना है कि जिस जमीन पर आवास बनाया जा रहा है वह उसकी है। जबकि वृद्धा का कहना है कि शासन द्वारा यह जमीन उसे आवंटित कर आवास योजना में हितग्राही बनाया है। धर्मेन्द्र उस जमीन एवं आवास पर कब्जा करना चाहता है। इसी के चलते उसने कुछ लोगों के साथ 3 मार्च से निर्माण कार्य रुकवा दिया है। अब उसे जान से मारने की धमकी दी जा रही है। वृद्धा ने दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। 

 

नगर सिमा से बाहर लगे शराब दुकान;- हेमंत खंडेलवाल
विधानसभा के चार गाँवो का किया दौरा
आठनेर ;- शराब बंदी के दौर में आठनेर नगर की महिलाये पुरुष ,भाजपा ,कांग्रेस मिलकर  विरोध प्रदर्शन कर रहे है।नगर में शराब दुकान को लेकर लगातार नगरवासियो द्वारा किये जा रहे को देखते हुए आठनेर बेतुल विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा की नगर में बढ़ते शराब दुकान के शिप्टिंग को लेकर को रहे विरोध प्रदर्शन और जनहित को ध्यान में रखते हुए शराब दुकान को नगर सिमा से बाहर ही लगाया जायेगा इस बात को श्री हेमंत खंडेलवाल ने अपने ग्रामीण दौरे जाते समय आठनेर की जनता को विश्वास दिलाया और साथ ही तत्काल थाना प्रभारी पुणेंद्रसिंग व् आबकारी अधिकारी से बात की जिसमे भाजपा कांग्रेस के नेता भी मौजूद थे । 
ज्ञात हो की कोर्ट के आदेश अनुसार नये शराब ठेकेदारो को राजकियमार्गो से 500 मीटर की दुरी पर शराब दुकान लगाने के आदेश है जिसे 1 अप्रैल तक शराब ठेकेदारो को आदेश का पालन करना था किन्तु आठनेर शराब दुकान कोर्ट के आदेश को अनदेखा कर दुकान बस स्टेण्ड कर संचालित कर रहे है ।साथ ही शराब दुकान की सिप्टिंग ऐसी जगह करने का प्राय ठेकेदार द्वारा किया जा रहा है जहा महिलाओ का आना जाना, बच्चों कास्कूल वाले वार्डो से जुड़ा है जहा नगर वासी एक होकर उस स्थान पर शराब दुकान खोलने का विरोध लगातार कर रहे है।विधायक के आश्वासन पर सभी लोग खुस है।
वही पेयजल, बिजली बिल , आवासीय पट्टे ,सड़क आवास योजना को लेकर विधायक हेमंत खंडेलवाल एवम् जिला पंचायत उपाध्यक्ष नरेश फाटे ने छिंदवाड़,मंजरीघोगरा,बरखेड़ एवम् जामापाटी चार गाँवो का दौर किया जहा लोगो की समस्याएं सुनकर अधिकारियो को निर्देशित किया गया की जल्द से जल्द लोगो के काम किये जाये। दौरे में मंडल अध्यक्ष बद्रीनाथ पंडाग्रे,नपा उपाध्यक्ष आशाराम जितपुरे.
शिवदयाल आज़ाद,मनोज जगताप , जप उपध्यक्ष संतोष धाकड़ ,विजय गायकवाड़, जगदीश लहरपुरे पिंटू शिंदे ,गोलू सोनी एवम् जनपद सीईओ कुशवाह भी मौजूद थे।

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